Selfie ~An accident with truth CONCLUSION
" सर क्लाइरा का प्लान था वह रिचर्ड को इंडिया घुमाने के बहाने लाने वाली थी और किसी तरीके से उसे मारने वाली थी,मैंने उसका साथ देने का वादा किया और क्योंकि मैं तिवारी लॉज में आसानी से आता-जाता था ,मैंने उसे वही कमरा लेने के लिए कहा,सर मैं केवल मदद कर रहा था"विशाल अपनी सफाई देते हुए बोला। " उस दिन कमरे में क्या हुआ था"इंस्पेक्टर शर्मा ने डपटते हुए पूछा।
विशाल जानता था कि रिसेप्शनिस्ट सन्ध्या शॉपिंग के लिए 5 घण्टे बाहर जाने वाली थी ।क्लाइरा ने रिचर्ड को लटकाने के सभी इंतेज़ाम पहले से ही कर लिए थे और विशाल के कमरे में आने से पहले ही उसने अपनी पुरानी जिंदगानी के घावों को दफ़न कर एक नए ज़िंदगी के ख़्वाब को मुकम्मल कर लिया था।
रिचर्ड उस पॉट पर की गई नक्कासी की तारीफ़ अभी कर ही रहा था कि क्लाइरा ने दरवाजे से विशाल को अंदर खीचा और अभी रिचर्ड कुछ समझता उससे पहले फंदा उसके गले में था ,जब इंसान पर मौत की साया मंडराती है तब वह अपने बचाव की हरसम्भव कोशिश करता है ,आत्मरक्षा के क्रम में उसने अपने अंतिम क्षणों के साथी पॉट को विशाल के हाथ पर दे मारा लेकिन उसका यह प्रयास नाकाफ़ी साबित हुआ और अगले ही पल वह ऊपर पंखे से लटकता हुआ मौत के आग़ोश में समा चुका था और उसकी नज़रे लगातार ,फर्श पर गिर कर टूट हुए पॉट को घूर रही थी ,मानो उससे ख़ुद को न बचाए जाने की शिकायत कर रही हों।
फर्श पर गिरे आखिरी सहारे के निशान को हटाने के बाद क्लाइरा पूरी तरह आश्वस्त हो चुकी थी की उसने कुछ भी ग़लत नही किया एक धोखेबाज इंसान को मारकर।
यू तो विशाल अपने सेलफोन को कही नही छोड़ता था लेकिन अघोषित हमले ने उसे अपने राजदार से दूर कर बाथरूम जाने को विवश कर दिया था। तस्वीरें सच का आईना होती है ।इतेफाक से क्लाइरा ने विशाल के साथ उसकी मंगेतर की फ़ोटो को देख लिया और उसकी सभी उम्मीदें एक क्षण में धराशाही हो गई ,उसे समझ नही आ रहा था कि उसने यह किसके लिए किया,अगले ही क्षण उसके हाथ में बटर नाइफ थी ।
"सर मैं उसे नही मारना चाहता था, लेकिन उसके सर पर जैसे खून सवार हो गया था ,ख़ुद को बचाने की कोशिश में नाइफ उसके कलाई पर लग गई और वह चिल्लाने लगी थी मैंने कपड़े से उसका मुँह बाँध दिया और जो भी हाथ लगा वहाँ से लेकर चला आया ,मेरा इरादा किसी की हत्या करने का नही था"बिलखते हुए विशाल ने कहानी कह सुनाई।
"Accused revealed by a selfie has given his statement to police,:JUSTICE TO PETERSON FAMILY " अगले दिन इंग्लैंड के स्थानीय न्यूज़पेपर में इस अनोखे डबल मर्डर केस की कहानी जहाँ चर्चा का विषय रही वही बनारस के घाटों पर सेल्फियों का अनवरत दौर मुकम्मल होता रहा , अब ऐसा संभव लग रहा था कि तस्वीरे गुनाहों का पर्दाफाश करने और सच उजागर करने में अहम भूमिका निभा सके।
Selfie ~AN ACCIDENT WITH TRUTH
Concluded
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